Love & Relationship…

I will seal my lips,
But Always feel you in me,
My happiness is for you,
And your all problem is for me.

This is a type of relationship,
Which I always dream to live,
Where you care for my feeling,
And My love you feel.

I do not know what you feel,
But I can feel your inner me,
You can deny my feeling,
But me in you will keep loving me.

Trust me one thing,
I have enough love for you and me,
My Life may go away one day,
But my love will stay with you … ever, forever..

Few more line I liked to pen…

I don’t know where I stand with you.
I don’t know what I mean to you.
But All I know is that every time I think of you, I feel happiness in inner me….

I may not mean anything to you,
This is will happen for sure,
But one day you will think,
Why you have not loved me deep…

Hello, do you know one thing,
My lips will always be sealed,
I may not confess anything,
But you will feel my feeling for yours..

Kunal Kumar

कुछ बातें…

दूरियाँ चाहे कितनी भी हो,
पर फ़ासले ना आने देना मन में,
रिश्ते की अहमियत को समझना ज़रूर,
चाहे थोड़ा और सहना पड़े तुम्हें।

कुछ खट्टी कुछ मीठी यादें,
रिश्ते की टहनियों पे लटकी है,
तुम पतझड़ सा रूखा मत बनना,
की यादें दूर हो जाए रिश्ते से।

होते है कुछ ऐसे पल,
जब भूल जाते है हम अपनापन,
ज़रा उस पल को सम्भाल लेना,
और फ़ासले ना आने देना मन में।

कुणाल कुमार

मिलेंगे ज़रूर…

सोच के घोड़े को दे लगाम,
दिल के धड़कन को लिया था मैंने थाम,
याद आने पर बस यही ख़याल रखा है मैंने,
मिलेंगे ज़रूर पर फिर कभी।

समझ का ये फेर हैं,
उसके समझ में अभी थोड़ी देर हैं,
पर वो समझ पाए मुझे, यही ख़याल रखा है मैंने,
मिलेंगे ज़रूर पर फिर कभी।

इस ख़ुदगर्ज़ संसार में,
खुद के आगे कौन सोचता हैं?
शायद ये गलती मैंने की है,
खुद से ज़ायद तुम्हें तरजीह मैंने दी है।

मिलेंगे ज़रूर पर फिर कभी,
पर मैं ना रहूँगा वैसा जैसा था कभी,
देखते है जीतता कौन हैं,
तुम्हारी ज़िद्द या मेरे दिल की कही।

कुणाल कुमार

Convenience

Convenience is state of mind,
Which always adjust its gear,
Sometime with happiness,
Sometime with fear.

Like Life has it’s own way,
To Keep adjusting self,
Where there is optimal happiness,
And have the less fear.

Challenges are always there,
To choose the right gear,
Like one cannot drive in a single gear,
So Keep adjusting happiness and fear.

Happy Diwali to all readers.

Kunal Kumar.

कुछ बातें

कुछ क़दर कर लो आज उनकी,
जिन्होंने तुम्हें हँसना हैं सिखाया,
बस सिर्फ़ तुम्हारी ख़ुशी के ख़ातिर,
तुमसे अलग होने का दुःख हैं अपनाया।

सोचता हूँ तुम्हारे सोच में,
क्यों जगह नहीं बना पाया मैं,
क्या तुम्हारी सोच में थी खोट,
या मेरे प्यार में ही थीं कोई कमी।

फिर भी आज दिल में मेरे,
अच्छाई की सोच हैं तेरे लिए,
चाहे दिल जले यहाँ मेरी,
ज़िंदगी रोशन रहे वहाँ तेरी।

कुणाल कुमार

बस थोड़ी दूर और जाना हैं…

इस झूठे संसार में,
मतलब से भरे हर बात में,
सच की खोज में मुझे,
बस थोड़ी दूर और जाना हैं।

शायद ही मुझे कोई ऐसा दिखे,
जो कर्तव्य को खुद से आगे पढ़े,
इसी खोज को आगे बढ़ना है,
बस थोड़ी दूर और जाना हैं।

शायद कोई मिल जाए मुझे,
जिन्हें अपनों को परिभाषित करना आता है,
खुद से आगे अपनों की सोचे उन्हें खोजने मुझे,
बस थोड़ी दूर और जाना हैं।

ज़रा सोचो तुम भी औरों का,
जैसे सोचे सैनिक, सेवक और ज्ञानी,
खुद से आगे कर्तव्य को रखने वालों की खोज में मुझे,
बस थोड़ी दूर और जाना हैं॥

कुणाल कुमार

दूरियाँ

तुमसे दूर रहने की,
सजा दी है मैंने खुद को,
सब के साथ रहते हुए भी,
अकेला किया मैंने खुद को।

अपने अश्रुओं से सिंचकर,
कठोर किया हैं मैंने अपने खुद को,
जैसे कोई दीवार बनाते समय,
पानी से भिगोते है हम लोग।

तुम्हें लगेगा मैं भूल गया,
सारे बंधन पीछे छूट गया,
पर भूलने की जगह पे,
मैंने खुद को सिर्फ़ चुप कर लिया।

कुणाल कुमार

Some Time

Sometime in life,
We take ourself for granted,
What is easily available,
We do not ever accept it.

Probably this is our nature,
To look for toughest things,
That is the one of the reason,
We forget those who are near we.

There are limit,
To wait for anything,
All has right,
To evaluate alternatives.

But see how much I feel,
As still I am looking for your feelings,
But I know you will again ignore me,
Because your emotions are not for me.

Kunal Kumar

Hello

Hello my dear,
Why should I have a fear,
I always feel you in me,
Even though you are not near.

All i know this,
that our relationship is not selfish,
I do have feeling for you,
But i refrain in telling this to you.

I will not say anything to you,
And will keep my all feelings in me,
As I have a very bad fear,
Since I cannot afford to have loosing tear.

Kunal

भूल जाऊँ…

कुछ कहते है तुम्हें भूल जाऊँ,
ग़म से भरे समंदर से दूर जाऊँ,
सुंदरता की कसौटी पर नापते है तुम्हें लोग,
भूल जाते है मेरा प्यार जो हैं सिर्फ़ तुम्हारे लिए।

रंग रूप और तन का स्वरूप,
क्यों बोलते है लोग इसके लिए,
मेरा प्यार तो मेरी नज़रों में बसी है,
जो खुली हुई है सिर्फ़ तुम्हारे लिए।

शायद सुंदरता मापने का पैमाना,
अलग है लोगों से मेरी,
मेरे लिए सुंदरता दिल से जुड़ी है,
औरों के लिए शायद तन से।

मेरी यादों मे बसा है साथ तुम्हारा,
नहीं कोई जगह है तुमसे जुड़ी कोई और सुख की,
सुंदरता औरों के लिए मायने रखेगी,
मेरे लिए तो तुम्हारी अहसास काफ़ी है।

तुम रहो ख़ुश बस यही चाहत है मेरी,
जहाँ मिले तुम्हें सकूँ मन की,
मेरे जीने के लिए तुम्हारी अहसास ही काफ़ी है,
जिसमें बसी है सिर्फ़ और सिर्फ़ यादें तेरी।

कुणाल कुमार

सुनो…

सुनो,
अफ़सोस है मुझे,
तुम्हारे दर्द की राह पर,
चाह कर भी साथ नहीं दे पा रहा हूँ मैं।

सुनो,
संकोच ना रखना कभी दिल में,
जब ईक्षा हो दिल में,
एक बार आवाज़ दे कर देखना मुझे।

सुनो,
तुम खुद के दिल की सुनो,
वरना लोग तो यहाँ बैठे ही हैं,
हमदर्द बन दर्द देने के लिए।

सुनो,
शायद ये परीक्षा है हमारी,
कुछ समय की जुदाई तो होगी,
पर प्यार और मज़बूत होगा इस दिल में।

कुणाल कुमार

खुद में…

खुद में जीने की हिम्मत माँगी थी रब से,
रब ने मुझसे मेरी ख़ुदा ही छीन ली,
ना जाने ऐसा क्यों हुआ मेरे साथ,
जिसे ख़ुदा माना वो ही मुझसे रूठ चली गयी।

शायद कुछ कमी रह गयी थी,
मेरे प्यार में,
नहीं तो रब दूर नहीं करता,
मुझे तुम्हारे साथ से।

मैंने सपने में भी नहीं सोचा,
अलग होना पड़ेगा इस तरह,
अब कैस धड़केगा ये दिल मेरा,
जब धड़कन छोड़ चली है मुझे।

मुझे शिकायत है रब से,
क्यों अलग किया हैं मुझे उस से,
मेरी चाहत को छीन कर मुझसे,
मुझे क्यों जीने को छोड़ दिया खुद में।

कुणाल